Friday, September 12, 2014

मेरे विचार से -

                           एक चुप सौ सुख - विवाद को खत्म करने का एकमात्र उपाय है.  विवाद में दोनों पक्ष जब बोलते चले जाते हैं तब कितनी ही कही-अनकही बातें, कितने ही गड़े मुर्दे उखड़ने लगते हैं और एक साधारण सा विवाद भयंकर झगडे का रूप धारण कर लेता है.  लेकिन  जब एक पक्ष समझदारी का परिचय देते हुए चुप्पी साध लेता है तो काफी हद तक माहौल शांत हो जाता है.
 

आध्यात्मिकता

                                     आज के इस तनावपूर्ण जीवन में जब हर इंसान मानसिक तनाव से गुजर रह है, किसी ना किसी समस्या से जूझ रहा है तब मानसिक शांति के लिए आध्यात्मिकता  का जीवन में होना आवश्यक होता है.  आध्यात्मिकता  धर्म का ही एक रूप है लेकिन आध्यात्मिकता निजी और व्यक्तिगत है.  धर्म एक संग़ठन है और कई धर्म भी है - हिन्दू, सिख, ईसाई, पारसी, मुस्लिम आदि. धर्म नियमो से बंधा है लेकिन आध्यात्मिकता मन से बंधी  है

                                 जब हम आध्यात्मिकता के सहारे उच्च सत्ता से जुड़ जाते हैं तो एकाकीपन स्वत  ही दूर हो जाता है