नववर्ष की शुभकामनाओ के साथ ....................
नववर्ष
खुशियों के ये पल आते हैं हर साल
बीत जाते हैं मौसम बीत जाते हैं साल
कभी छाते हैं गम के बादल तो कभी आते हैं खुशियों का सागर
पर मन तो आशा निराशा में झूल रहा
कल क्या होगा बस यही सोच रहा
पर कुछ भूल गए हम
ख़ुशी है तो गम भी
दिन है तो रात भी, हर रात के बाद सवेरा भी
आज सवेरा है नववर्ष का
कुछ हैं नयी उम्मीदे, कुछ हैं नए संकल्प
अभी अभी जन्म लिया इक नयी कोंपल कोंपल ने
खिलने दो उसे पाने दो विस्तार उसे
असीमित है आकाश - फैलाने दो पंख उसे
यही कामना है सब की की कि हर सुबह नवप्रभात हो
चारो ओर आलोक ही आलोक हो
मंगलमय, उल्लासमय, स्वस्थ्मेय हो आपका जीवन
यही है नववर्ष का सार
यही है नववर्ष का आधार

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