Name: shilpkar
Location: New Delhi

kuch khas nahi hai mere baare me.

Friday, May 09, 2008

कब तक छलते रहोगे
कब तक तुम मुझे छलते रहोगे
बोलो कब तक तुम मुझे छलते रहोगे
हर युग में तुम मुझे छलते रहे।
सीता बन अग्नि परीक्षा दी मैंने
तुम्हे मर्यादा पुरषोत्तम बनाया किसने ?
बोलो मर्यादा पुरषोत्तम बनाया किसने?
गोपी बना विरह अग्नि में जलाया किसने?
राधा बना बंसी की धुन पर नचाया मुझे
बोलो योगिराज कृष्ण किसने बनाया तुम्हे?
नन्हें राहुल को सीने से लगा बहलाया मैंने
रो रो कर एकाकी जीवन बिताया मैंने
बोलो गौतम बुध किसने बनाया तुम्हे?
तुम्हारे द्वारा बार बार छले जाने पर भी
मैं हताश नही हूँ, मैं निराश नही हूँ।
क्योंकि मैं जानती हूँ की हर युग को एक मर्यदावादी राम चैएये
हर युग को योगिराज कृष्ण चिएये
इसीलिए हर युग मी तुम्हारे द्वारा छले जाना मुझे अंगीकार है
बोलो तुम कब तक मुझे छलते रहोगे?
बोलो कब तक तुम मुझे छलते रहोगे?

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